Friday, 18 November 2016

जब भी मिलती है मुझे अजनबी लगती क्यूँ है


गायिका आशा भोसले 
गीतकार शहरयार
संगीतकार खैय्याम 

जब भी मिलती है मुझे अजनबी लगती क्यूँ है
ज़िंदगी रोज़ नये रंग बदलती क्यूँ है

तुम से बिछड़े हैं तो अब किस से मिलाती है हमें
ज़िंदगी देखिये क्या रंग दिखाती है हमें


काहे को ब्याहे बिदेस


गायिका      जगजीत कौर 
गीतकार     आमिर खुसरो  
संगीतकार  खैय्याम 

काहे को ब्याहे बिदेस, अरे लखियन बाबुल मोहे  \-२
काहे को ब्याहे बिदेस ...

हम तो बाबुल तोरे बेले की कलियन \-२
अरे घर\-घर माँगे हैं जाए
अरे लखियन बाबुल मोहे ...
काहे को ब्याहे बिदेस ...

महलन तले से डोला जो निकला \-२
अरे बीरन में छाए पछाड़ (???)
अरे लखियन बाबुल मोहे
काहे को ब्याहे बिदेस ...

भैया को दियो बाबुल महलन दो महलन \-२
अरे हम को दियो पर्देश
अरे लखियन बाबुल मोहे

काहे को ब्याहे बिदेस
अरे लखियन बाबुल मोहे
काहे को ब्याहे बिदेस
अरे लखियन बाबुल मोहे

ज़िन्दगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें


गायक तलत अज़ीज़ 
गीतकार शहरयार 
संगीतकार खैय्याम 

ज़िन्दगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें

सुर्ख फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें
दिन ढले यूँ तेरी आवाज़ बुलाती है हमें
ज़िन्दगी जब भी तेरी...

याद तेरी कभी दस्तक, कभी सरगोशी से
रात के पिछले पहर रोज़ जगाती है हमें
ज़िन्दगी जब भी तेरी...

हर मुलाक़ात का अंजाम जुदाई क्यूँ है
अब तो हर वक़्त यही बात सताती है हमें
ज़िन्दगी जब भी तेरी...

जुस्तजू जिसकी थी


गायिका आशा भोसले 
गीतकार शहरयार 
संगीतकार खैय्याम 

जुस्तजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने
इस बहाने से मगर देख ली दुनिया हमने

तुझको रुसवा न किया, खुद भी पशेमाँ न हुये
इश्क़ की रस्म को इस तरह निभाया हमने
जुस्तजू जिसकी थी...

कब मिली थी कहाँ बिछड़ी थी, हमें याद नहीं
ज़िंदगी तुझको तो, बस ख़्वाब में देखा हमने
जुस्तजू जिसकी थी...

ऐ अदा और सुनाये भी तो क्या हाल अपना
उम्र का लम्बा सफ़र तय किया तन्हा हमने
जुस्तजू जिसकी थी...

ये क्या जगह है दोस्तों


गायिका आशा भोसले 
गीतकार शहरयार 
संगीतकार खैय्याम 

ये क्या जगह है दोस्तों, ये कौन सा दयार है 
हद\-ए\-निगाह तक जहां गुबार ही गुबार है 
ये क्या जगह है दोस्तों 

ये किस मुकाम पर हयात, मुझको लेके आ गई
न बस खुशी पे कहां, न ग़म पे इख्तियार है
ये... 

तमाम उम्र का हिसाब मांगती है ज़िन्दगी 
मांगती है ज़िन्दगी 
ये मेरा दिल कहे तो क्या, ये खुद से शर्मसार है 
ये खुद से शर्मसार है 
ये... 

बुला रहा क्या कोई चिलमनों के उस तरफ़ 
चिलमनों के उस तरफ़ 
मेरे लिये भी क्या कोई उदास बेक़रार है 
उदास बेक़रार है 
ये...


न जिसकी शकल है कोई, न जिसका नाम है कोई
इक ऐसी शै का क्यों हमें अज़ल से इन्तज़ार है
ये...

Umrao Jaan Full Movie


आप 'उमराव जान' पूरी फिल्म यू ट्यूब (You Tube) पर देख सकते हैं।  अगर आपने यह फिल्म अभी तक नहीं देखी है तो पहली फुर्सत में अवश्य देखें। और आप यह फिल्म देख  चुके हैं तो दोबारा देखें। मैंने यह फिल्म सात बार देखी है और हर बार मुझे यह पिछले बार से ज़्याद अच्छी लगी। आशा करती हैं आप को भी  आएगी। प्रतिक्रिया अवश्य दें।